खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ऑनलाइन साइबर ठगी का शिकार हो गईं। टीकाकरण से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप पर आए एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल फोन हैक हो गया और बैंक खाते से 2 लाख 68 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़िता के अनुसार यह रकम उनकी वर्षों की मेहनत और बचत की पूंजी थी। घटना के बाद उन्होंने कलेक्टर और साइबर पुलिस से शिकायत कर जल्द कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता साधना शर्मा वार्ड क्रमांक 16 में पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि 5 जून को टीकाकरण से संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप में एक संदेश आया था। यह संदेश कथित तौर पर वार्ड 30 की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनीता पालके के मोबाइल नंबर से भेजा गया था। चूंकि संदेश ग्रुप में आया था और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कार्यों से संबंधित प्रतीत हो रहा था, इसलिए उन्होंने बिना किसी संदेह के उस लिंक पर क्लिक कर दिया।

लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल असामान्य तरीके से काम करने लगा। कुछ ही समय बाद उन्हें बैंक खाते से लगातार राशि कटने के मैसेज मिलने लगे। जब तक वे कुछ समझ पातीं, तब तक उनके खाते से कुल 2 लाख 68 हजार रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से निकाल लिए गए थे। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क किया और संबंधित खाते को सुरक्षित कराने का प्रयास किया।

घटना की जानकारी मिलते ही साधना शर्मा साइबर सेल पहुंचीं और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि साइबर ठगों ने संभवतः फर्जी लिंक के जरिए उनके मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाई। साइबर पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया या मोबाइल संदेश में आए अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। साइबर अपराधी इन दिनों सरकारी योजनाओं, टीकाकरण, बैंक अपडेट और अन्य जरूरी सूचनाओं के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि सतर्कता ही ऐसे साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।