सरगुजा। जिले के नगर पंचायत कुसमी में आंगनबाड़ी से जुड़ी जानकारी का हवाला देकर एक महिला से 37 हजार 650 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सबसे गंभीर बात यह है कि ठगी करने वाले व्यक्ति को महिला और उसके बच्चे से जुड़ी कई निजी जानकारियां पहले से पता थीं, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज डेटा की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

पीड़िता ने मामले की शिकायत कुसमी थाने में दर्ज कराई है। महिला के अनुसार करीब सात महीने पहले उसने बच्चे को जन्म दिया था। 14 मई 2026 को उसके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बलरामपुर जिला मुख्यालय से जुड़ा अधिकारी बताते हुए आंगनबाड़ी से संबंधित जानकारी मांगी।


नाम, आधार और बच्चे तक की जानकारी थी कॉलर के पास

महिला का कहना है कि करीब 18 मिनट तक चली बातचीत में कॉलर ने उसका नाम, आधार नंबर, बच्चे का नाम, बच्चा किस आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज है और वहां की कार्यकर्ता का नाम तक बता दिया। इससे महिला को लगा कि कॉल सरकारी व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।

इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने महिला को झांसे में लिया और उसके खाते से पैसे निकलवा लिए।


तीन बार में निकले 37,650 रुपये

पीड़िता के अनुसार फोन कटने के कुछ देर बाद उसके बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में राशि निकल गई। पहले 11 हजार 550 रुपये, फिर 23 हजार 100 रुपये और तीसरे ट्रांजेक्शन में 3 हजार रुपये निकाले गए। इस तरह कुल 37 हजार 650 रुपये की ठगी हुई।


साइबर हेल्पलाइन 1930 में की शिकायत

राशि कटने का पता चलते ही महिला ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पैसे वापस नहीं मिलने पर उसने कुसमी थाने में लिखित आवेदन दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


आंगनबाड़ी डेटा की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज माताओं और बच्चों की गोपनीय जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पास महिला और उसके बच्चे से जुड़ी इतनी निजी जानकारी कैसे पहुंची।

फिलहाल मोबाइल नंबर और बैंक लेनदेन के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।