कोरबा। जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत जटगा रेंज के ग्राम साल्हिभाठा के तेंदूपारा में फसल चराने को लेकर ग्रामीणों और बाहरी चरवाहों के बीच विवाद हिंसक हो गया। लाठी से हमले में दो ग्रामीण घायल हो गए, जबकि जवाबी कार्रवाई में एक ग्रामीण द्वारा चलाया गया तीर एक चरवाहे की कमर के नीचे जा धंसा। घटना में कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।


650 से ज्यादा भेड़-बकरी और घोड़े लेकर पहुंचे थे चरवाहे

बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह पहले कवर्धा, बिलासपुर, बेमेतरा और मुंगेली जिलों से आधा दर्जन चरवाहे इस क्षेत्र में पहुंचे थे। उनके साथ 650 से अधिक भेड़, बकरी और घोड़े थे। दो दिन जंगल में रहने के बाद चरवाहों ने गांव के बाहर तंबू लगाकर डेरा डाल लिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि इन मवेशियों से खेतों में खड़ी फसल को नुकसान हो रहा था।


खेत में मवेशी घुसने पर बढ़ा विवाद

मंगलवार सुबह ग्राम साल्हिभाठा निवासी गंगादीन मरकाम (52) ने अपने खेत में घुसे मवेशियों को लेकर आपत्ति जताई थी। पहले कहासुनी हुई, लेकिन बाद में सुबह करीब 9 बजे जब गंगादीन अपने साथी अर्जुन उड़के के साथ खेत की ओर जा रहे थे, तब दोबारा चरवाहों से सामना हो गया। विवाद बढ़ने पर चरवाहों ने कथित तौर पर दोनों पर लाठियों से हमला कर दिया।


एक की कमर, दूसरे का हाथ फ्रैक्चर

हमले में एक ग्रामीण की कमर में गंभीर चोट आई, जबकि दूसरे का हाथ फ्रैक्चर हो गया। इसी दौरान घायल गंगादीन ने अपने धनुष से तीर चला दिया। तीर भाग रहे चरवाहे लीलाधर, निवासी भानपुर, की कमर के नीचे जा लगा।


तीनों घायलों का इलाज जारी

घायल चरवाहे लीलाधर को इलाज के लिए कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वहीं दोनों घायल ग्रामीणों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।


जंगल में भेड़ चराने पर है प्रतिबंध

वन विभाग ने जंगलों में भेड़ चराने पर प्रतिबंध लगा रखा है, क्योंकि भेड़ पौधों और नई वनस्पतियों को नुकसान पहुंचाती हैं। घटना के बाद वन विभाग ने अवैध चराई का प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किया है।


1500 और 500 रुपए के लेनदेन की भी चर्चा

मामले में पैसे के लेनदेन की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि चरवाहों ने जंगल के आसपास रुकने के लिए कुछ ग्रामीणों को 1500 रुपए दिए थे, जबकि फसल नुकसान के बदले 500 रुपए दिए गए थे। इसी रकम को लेकर विवाद और बढ़ने की बात कही जा रही है।

दोनों पक्षों पर केस दर्ज

पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मारपीट और हत्या के प्रयास से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वन विभाग भी अवैध चराई के मामले में कार्रवाई कर रहा है।