रायपुर। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू की पहल से छत्तीसगढ़ को दो अहम मामलों में सकारात्मक संकेत मिले हैं। एक ओर वर्षों पुराने महानदी जल विवाद के समाधान की दिशा में नई पहल शुरू हुई है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के श्रद्धालुओं के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की यात्रा को अधिक सुगम बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
महानदी जल बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ है। अब केंद्रीय मंत्री तोखन साहू की पहल के बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की जल्द बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में जल बंटवारे, नदी के बेहतर उपयोग और आपसी सहमति से समाधान निकालने पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि संवाद के जरिए वर्षों से लंबित इस मुद्दे का रास्ता साफ हो सकता है, जिससे दोनों राज्यों के किसानों और आम लोगों को लाभ मिलेगा।
इसी के साथ केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण पहल की है। उनकी कोशिशों से छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के श्रद्धालुओं के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक बनने जा रही है। इससे विशेष रूप से श्रावण मास और अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
बताया जा रहा है कि देवघर आने-जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवागमन और अन्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश समेत मध्य भारत के लाखों श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने और आम जनता की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उनकी इन दोनों पहलों को छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।





