नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के धान और उससे तैयार होने वाले उत्पादों को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात कर प्रदेश में चावल आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने भाटापारा के प्रसिद्ध पोहा उद्योग को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग से जोड़कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

सांसद अग्रवाल ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी मुलाकात की और उन्हें छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले स्वदेशी मेले में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

धान को वैल्यू एडिशन से जोड़ने पर जोर

बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को बताया कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां बड़े पैमाने पर धान का उत्पादन होता है, लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा प्राथमिक स्तर पर ही प्रसंस्कृत होकर बाजार में पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि यदि धान को केवल चावल तक सीमित रखने के बजाय इससे बनने वाले विभिन्न उत्पादों की पूरी प्रोसेसिंग चेन प्रदेश में विकसित की जाए तो किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित होने से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

भाटापारा को Rice-Based Food Processing Hub बनाने का प्रस्ताव

मुलाकात के दौरान सांसद अग्रवाल ने भाटापारा के पोहा उद्योग का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाटापारा का पोहा अपनी गुणवत्ता के कारण पहले से ही देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी पहचान बना चुका है।

यदि यहां के पोहा उद्योग को आधुनिक मशीनों, नई तकनीक, आकर्षक पैकेजिंग, बेहतर ब्रांडिंग और मजबूत मार्केटिंग नेटवर्क से जोड़ा जाए तो भाटापारा को राइस-बेस्ड फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।

इससे स्थानीय पोहा कारोबार को नई पहचान मिलने के साथ ही छत्तीसगढ़ के उत्पादों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रास्ते खुल सकते हैं।

पोहा, मुरमुरा और राइस स्नैक्स के उद्योग की अपार संभावनाएं

सांसद ने कहा कि प्रदेश में पोहा, मुरमुरा, राइस-बेस्ड स्नैक्स, रेडी-टू-ईट उत्पाद, राइस फ्लोर सहित चावल से तैयार होने वाले कई खाद्य उत्पादों की आधुनिक इकाइयां स्थापित करने की व्यापक संभावनाएं हैं।

फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्थानीय बाजार मिलेगा। वहीं प्रसंस्करण, पैकेजिंग, परिवहन और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।

विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार करने को कहा

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए छत्तीसगढ़ में चावल आधारित फूड प्रोसेसिंग उद्योगों की संभावनाओं को लेकर विस्तृत परियोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।

बृजमोहन अग्रवाल के मुताबिक, केंद्र सरकार को सौंपे जाने वाले प्रस्ताव में स्थानीय कृषि उत्पादन, किसानों को बाजार से जोड़ने, आधुनिक प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, रोजगार सृजन और उत्पादों को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की कार्ययोजना शामिल की जाएगी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान प्रदेश की पहचान होने के साथ उसकी आर्थिक ताकत भी बन सकता है। प्रयास यह है कि खेत में पैदा होने वाले धान का अधिकतम वैल्यू एडिशन छत्तीसगढ़ में ही हो, जिससे किसान, उद्यमी और युवाओं को सीधा लाभ मिले।

गजेंद्र सिंह शेखावत को स्वदेशी मेले का न्योता

इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी भेंट की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले स्वदेशी मेले में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

धान उत्पादन से लेकर फूड प्रोसेसिंग और भाटापारा के पोहा की ब्रांडिंग तक की यह पहल धरातल पर उतरती है तो प्रदेश के कृषि आधारित उद्योगों को नई दिशा मिलने के साथ छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।