नई दिल्ली, 24 जुलाई। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत की गई है।

रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बावजूद वे करीब एक महीने तक मंत्री पद पर बने रहे। अब राष्ट्रपति द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद उनका मंत्री पद भी औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है।


राज्यसभा चुनाव में नहीं मिला दोबारा मौका

भाजपा ने 18 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में रवनीत सिंह बिट्टू को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। राज्यसभा सदस्यता खत्म होने के बाद उनके मंत्री पद को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। अब उनके इस्तीफे की मंजूरी के साथ इन अटकलों पर विराम लग गया है।


कांग्रेस छोड़ भाजपा में हुए थे शामिल

रवनीत सिंह बिट्टू ने 24 मार्च 2024 को कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी सरकार में उन्हें रेल राज्य मंत्री बनाया गया था।

इससे पहले वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे और लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।


तीन बार रहे लोकसभा सांसद

रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने राजनीतिक करियर में 2009 में आनंदपुर साहिब तथा 2014 और 2019 में लुधियाना लोकसभा सीट से जीत दर्ज की। पंजाब की राजनीति में उनकी पहचान एक प्रमुख नेता के रूप में रही है।


पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं बिट्टू

रवनीत सिंह बिट्टू, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। फिलहाल उनके इस्तीफे के पीछे किसी विशेष राजनीतिक या व्यक्तिगत कारण की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। केंद्र सरकार और भाजपा की ओर से भी इस संबंध में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।