रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के ट्रेनी आईपीएस अधिकारी और अंबिकापुर CSP राहुल बंसल इन दिनों गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में हैं। हरियाणा के एक व्यक्ति ने उन पर साइबर ठगी से जुड़े एक मामले में कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। शिकायत दिल्ली की CBI कोर्ट में दाखिल की गई है। मामले में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) से भी रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि, आरोपों की अभी जांच होनी बाकी है और किसी जांच एजेंसी या अदालत ने इन्हें साबित नहीं किया है।
साइबर फ्रॉड केस को लेकर रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि अंबिकापुर साइबर सेल में पदस्थ ASI प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा के माध्यम से कथित रिश्वत का सौदा हुआ था। आरोप है कि अंबिकापुर के साइबर रेंज थाने में दर्ज एक ठगी के मामले की जांच के दौरान रकम की मांग की गई।
शिकायतकर्ता का दावा है कि कथित तौर पर एक करोड़ रुपये हवाला के जरिए दो किस्तों में पहुंचाए गए। प्रत्येक किस्त 50 लाख रुपये की बताई जा रही है। शिकायत में व्हाट्सऐप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग जैसी डिजिटल सामग्री पेश किए जाने की बात भी सामने आई है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कौन हैं IPS राहुल बंसल?
राहुल बंसल 2022 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के IPS अधिकारी हैं। वे मूल रूप से राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने सरकारी नौकरी में रहते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी की और पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की।
राहुल बंसल की पढ़ाई भी चर्चा में रही है। उन्होंने IIT-BHU से बीटेक किया और इसके बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से LLB की पढ़ाई भी पूरी की।
IPS बनने से पहले इनकम टैक्स विभाग में थे
राहुल बंसल का चयन सबसे पहले SSC के माध्यम से इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था। इसके अलावा उनका चयन असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर के पद पर भी हुआ। नौकरी के साथ उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी।
चार प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी और पांचवें प्रयास में परीक्षा पास की। UPSC 2021 के जरिए भारतीय वन सेवा की परीक्षा में भी उनका चयन होने की जानकारी सामने आई है।
अब कोर्ट की कार्रवाई पर नजर
मामला फिलहाल शिकायत और न्यायिक जांच के शुरुआती चरण में है। दिल्ली की विशेष CBI कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से Action Taken Report (ATR) मांगी है। आगे की रिपोर्ट और जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
नोट: राहुल बंसल और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।





