बिलासपुर : निलंबित आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी के खिलाफ महिला योग प्रशिक्षक की शिकायत से जुड़ा मामला अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गृह विभाग के सचिव और पुलिस मुख्यालय, रायपुर से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता ने मौजूदा जांच अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच किसी वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी से कराने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त 2026 वाले सप्ताह में होगी।
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
मामले में 12 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के समक्ष महिला की ओर से लगाए गए आरोपों और जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए। इसके बाद कोर्ट ने गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पीड़िता का आरोप है कि वह आईपीएस रतनलाल डांगी को ऑनलाइन योगाभ्यास कराती थी। इसी दौरान वीडियो कॉल पर कथित अभद्र व्यवहार और व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक संदेश भेजे जाने का आरोप लगाया गया है।
पति के खिलाफ कार्रवाई और तबादले की धमकी का आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उसने कथित व्यवहार का विरोध किया तो उसके पति को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई। महिला के पति पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर हैं। आरोप है कि उनके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज कराने और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तबादला कराने की धमकी दी गई थी।
पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2025 को डीजीपी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में डांगी की छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कथित संपत्तियों का भी उल्लेख किया गया था।
जांच अधिकारियों की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
शिकायत के बाद आईजी आनंद छाबड़ा को जांच अधिकारी और डीआईजी मिलना कुर्रे को सहायक जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। वहीं, रतनलाल डांगी को निलंबित कर दिया गया।
हाईकोर्ट में पीड़िता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडेय और ऋषभदेव साहू ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पूर्व पदस्थापना के दौरान जांच अधिकारियों की डांगी से कथित निकटता रही है, ऐसे में जांच की निष्पक्षता को लेकर आशंका है।
वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी से जांच की मांग
सुनवाई के दौरान 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र जारी नहीं किए जाने का मुद्दा भी अदालत के सामने रखा गया। याचिकाकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए किसी वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है।
फिलहाल हाईकोर्ट ने गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय से जवाब मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त वाले सप्ताह में निर्धारित की गई है। आरोपों की अंतिम सत्यता जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।





