रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क और भवन निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार तथा गुणवत्ता को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय सचिव मुकेश कुमार बंसल ने रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि समय-सीमा का पालन नहीं करने और गुणवत्ताहीन काम करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ आगामी निविदाओं के लिए अपात्र करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।

नवा रायपुर स्थित PWD मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव ने स्वीकृत और निर्माणाधीन सड़क व भवन परियोजनाओं की स्थिति जानी। इसके साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता पी.एम. कश्यप और टी.आर. कुंजाम सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

साइट देखने के बाद ही तैयार होगा प्राक्कलन

सचिव बंसल ने अभियंताओं को निर्देश दिए कि किसी भी निर्माण कार्य का प्राक्कलन केवल कार्यालय में बैठकर तैयार न किया जाए। अधिकारी पहले फील्ड का दौरा कर वास्तविक साइट का निरीक्षण करें, इसके बाद ही प्राक्कलन तैयार किया जाए। निर्माण के दौरान ठेकेदारों से नियमित संपर्क और समन्वय रखते हुए तय टाइम-लाइन के अनुसार काम आगे बढ़ाने को कहा गया है।

हर महीने होगी निर्माण कार्यों की समीक्षा

PWD सचिव ने मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का नियमित मूल्यांकन कर हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। विभाग का जोर निर्माण की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर रहेगा।

लापरवाह ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई

समीक्षा बैठक में समय पर काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों को लेकर कड़ा संदेश दिया गया। सचिव ने कहा कि तय टाइम-लाइन के अनुसार काम नहीं करने, निर्माण में लापरवाही बरतने या गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और उन्हें भविष्य की निविदाओं के लिए अपात्र किया जाए।

PWD-IMS में 31 अगस्त तक दर्ज होंगे सभी काम

विभाग के सभी निर्माण कार्यों की जानकारी PWD-IMS में 31 अगस्त तक दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी इसी तारीख तक जमा करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और लोक सेवा गारंटी से जुड़े प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।

तीन साल से एक ही टेबल पर जमे कर्मचारियों की बदलेगी पदस्थापना

विभागीय व्यवस्था में कसावट लाने के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों के कार्यक्षेत्रों को नए सिरे से व्यवस्थित करने को कहा गया है। वहीं एक ही टेबल पर तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार कर 30 सितंबर तक नई पदस्थापना करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अनुकंपा नियुक्ति और न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

टेंडर के बाद तत्काल वर्क ऑर्डर, फाइनल बिल के लिए बनेगी SOP

सचिव ने निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद तत्काल अनुबंध कर कार्यादेश जारी करने को कहा है। निर्माण कार्य की समय-सीमा तय करते समय बारिश, बिजली के पोल, पाइपलाइन और अन्य यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसी व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखने के लिए SOP तैयार की जाएगी। काम पूरा होने के बाद तीन महीने के भीतर फाइनल बिल तैयार करने और भुगतान की प्रक्रिया के लिए भी SOP बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

PWD की इस समीक्षा बैठक में साफ संदेश दिया गया कि अब निर्माण कार्यों में देरी और खराब गुणवत्ता पर जवाबदेही तय होगी। विभाग ने मार्च 2027 की समय-सीमा के साथ नियमित फील्ड निरीक्षण, मासिक समीक्षा और ठेकेदारों के प्रदर्शन की निगरानी पर जोर दिया है।