राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में कथित DMF (जिला खनिज संस्थान न्यास) घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार सुबह ईडी की टीम ने राजनांदगांव में कई ठिकानों पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई DMF से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच के सिलसिले में की गई है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम सुबह रायपुर से राजनांदगांव पहुंची। इसके बाद सत्यम विहार कॉलोनी में नाहटा ग्रुप से जुड़े एक ठिकाने और कामठी लाइन में ललित भंसाली से जुड़े ठिकाने पर छापेमारी शुरू की गई।

दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाल रही ED

कार्रवाई के दौरान ईडी के अधिकारी संबंधित प्रतिष्ठानों और ठिकानों पर मौजूद दस्तावेजों तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी DMF से संबंधित कार्यों में हुए भुगतान और अन्य लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है।

जानकारी के अनुसार, ललित भंसाली सरकारी टेंट हाउस से जुड़े कार्यों का संचालन करते हैं। फिलहाल ईडी की ओर से कार्रवाई में किसी दस्तावेज, नकदी या अन्य सामग्री की जब्ती को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अक्टूबर 2025 में भी हुई थी कार्रवाई

खास बात यह है कि जिन ठिकानों पर इस बार ईडी की टीम पहुंची है, वहां अक्टूबर 2025 में भी जांच एजेंसी की कार्रवाई होने की बात सामने आई थी। अब दोबारा छापेमारी के बाद DMF मामले की जांच को लेकर हलचल तेज हो गई है।

फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी बताई जा रही है। जांच पूरी होने और एजेंसी की ओर से आधिकारिक जानकारी जारी किए जाने के बाद मामले में और तथ्य सामने आ सकते हैं।