रायपुर। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति के साथ छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली। समारोह में 850 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। गीत-संगीत और नृत्य के जरिए बच्चों ने देशप्रेम, सैनिकों के शौर्य और विकसित भारत की तस्वीर पेश की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की प्रतियोगिता में उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग ने पहला स्थान हासिल किया। पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग दूसरे, जबकि मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग तीसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विजेता टीमों को शील्ड और मेडल देकर सम्मानित किया।
सरगुजा के 286 विद्यार्थियों ने दिखाई देशभक्ति की झलक
सरगुजा संभाग के 286 छात्र-छात्राओं ने ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद हम सबका अभिमान’ जैसे गीतों के रीमिक्स पर शानदार प्रस्तुति दी।
नृत्य और संगीत के माध्यम से विद्यार्थियों ने वंदे मातरम के 150 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा, मातृभूमि के प्रति प्रेम और युवा शक्ति के दम पर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते भारत की तस्वीर प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति ने प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया।
दुर्ग संभाग के 277 बच्चों ने जीता दिल
दूसरे स्थान पर रहे दुर्ग संभाग के 277 विद्यार्थियों ने ‘सजता, संवरता, निखरता ये देश…’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।
बच्चों ने अपनी प्रस्तुति में अलग-अलग लोकनृत्यों की झलक दिखाने के साथ देश के प्रति प्रेम और गौरव की भावना को मंच पर जीवंत किया। ताल और ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
सैनिकों के शौर्य को रायपुर के बच्चों ने किया सलाम
रायपुर संभाग के 280 छात्र-छात्राओं ने ‘संकल्प बोल के हम तो निकल पड़े…’ फ्यूजन गीत पर प्रस्तुति देकर तीसरा स्थान हासिल किया।
इस प्रस्तुति के जरिए बच्चों ने देश के सैनिकों के साहस, त्याग और बलिदान की कहानी को मंच पर उतारा। देशभक्ति से भरी प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया।
CM साय ने विजेताओं को दिए शील्ड और मेडल
सांस्कृतिक प्रतियोगिता के परिणाम घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाली टीमों के विद्यार्थियों को शील्ड और मेडल देकर सम्मानित किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में बच्चों की इन प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति के साथ देशभक्ति, युवा शक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।





