मुंगेली। जिले के पथरिया क्षेत्र के ग्राम लौदा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। समस्या के समाधान की मांग लेकर बड़ी संख्या में विद्यार्थी कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे। वहां मिले जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर छात्रों ने कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया।
विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में कई विषयों के शिक्षक नहीं होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परीक्षाएं नजदीक हैं, लेकिन कई विषयों का पाठ्यक्रम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। छात्रों ने प्रशासन से जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की है।
विज्ञान, अंग्रेजी और हिंदी के शिक्षकों की कमी
छात्रों की ओर से दिए गए शिकायत पत्र में बताया गया कि विद्यालय में विज्ञान, अंग्रेजी और हिंदी समेत विभिन्न विषयों के शिक्षकों की कमी है। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण नियमित पढ़ाई प्रभावित होने का दावा किया गया है।
विद्यार्थियों का कहना है कि यदि जल्द विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं कराए गए तो इसका असर उनकी परीक्षा की तैयारी और परिणाम पर पड़ सकता है।
जनदर्शन में समस्या लेकर पहुंचे विद्यार्थी
शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन की ओर से विद्यालय में शिक्षकों की व्यवस्था को लेकर तत्काल कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, वहां मिले जवाब से विद्यार्थी संतुष्ट नहीं हुए।
इसके बाद छात्र कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। चक्काजाम के कारण कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ।
जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने विद्यालय में रिक्त पदों पर जल्द शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूल शिक्षा का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से उनकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।
DEO बोले- पढ़ाई के लिए की जा रही वैकल्पिक व्यवस्था
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एलपी डाहिरे ने कहा कि शाला विकास समिति से जुड़े लोग बच्चों को सीधे कलेक्टर कार्यालय लेकर पहुंचे थे, जिसके कारण विद्यार्थी उस दिन स्कूल नहीं जा सके।
उन्होंने बताया कि फिलहाल छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। वहीं शिक्षकों की कमी के स्थायी समाधान को लेकर उच्च अधिकारियों के निर्देशन और मार्गदर्शन में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल छात्रों ने जल्द से जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की है, जबकि शिक्षा विभाग ने वैकल्पिक इंतजाम करने और समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।





