जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में रिश्तों में आई दरार का एक अनोखा मामला सामने आया है। धरमपुरा क्रमांक-3 निवासी सुजान दत्ता ने अपनी जीवित बेटी सिमरन दत्ता का पिंडदान कर उससे आजीवन संबंध समाप्त करने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि बेटी ने एक मुस्लिम युवक से प्रेम विवाह करने के बाद धर्म परिवर्तन किया था, जिससे परिवार नाराज था।
समझाने के बावजूद फैसले पर अडिग रही बेटी
परिवार के अनुसार, सिमरन के विवाह और धर्म परिवर्तन के फैसले की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने उसे समझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद वह अपने निर्णय पर कायम रही। इसके बाद पिता ने बेटी से सभी पारिवारिक संबंध समाप्त करने का फैसला लिया।
सिर मुंडवाकर विधि-विधान से किया पिंडदान
रविवार को सुजान दत्ता ने पहले अपना सिर मुंडवाया। इसके बाद घर पर पंडितों को बुलाकर मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ बेटी का पिंडदान किया गया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि अब उनका बेटी से कोई संबंध नहीं रहेगा। संबंध विच्छेद को लेकर एक घोषणा पत्र भी जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
परिवार ने लगाए आरोप, स्वतंत्र पुष्टि नहीं
परिवार के कुछ सदस्यों ने इस मामले को कथित ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध रिपोर्टों में किसी कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद बंगाली समाज के कुछ पदाधिकारी भी परिवार से मिलने पहुंचे। यह मामला अब जगदलपुर में अंतरधार्मिक विवाह, व्यक्तिगत निर्णय और पारिवारिक-सामाजिक मान्यताओं को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।





