सक्ती। जिले में खाद की कालाबाजारी और बिक्री में अनियमितता रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नवपदस्थ कलेक्टर जैन के निर्देशन में कृषि विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले सात खाद विक्रेताओं और फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन पर कुल 80 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिसे चालान के माध्यम से शासकीय खजाने में जमा कराया गया है।
कृषि विभाग के उपसंचालक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कार्रवाई की जद में कोमल प्रसाद जायसवाल (साराडीह), योगेश कुमार अग्रवाल (फगुरम), कमल खाद भंडार (नन्दौरकला), मयंक ट्रेडर्स (सकरेली बा.), सूर्य ट्रेडर्स (जैजैपुर), सक्ती आधुनिक एफपीओ (भातमाहुल) और अजय बहादुर सिंह राठौर (नन्दौरकला) शामिल हैं।
औचक जांच में मिली थी गड़बड़ी
कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने पिछले दिनों जिले के विभिन्न खाद विक्रेताओं और प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी कर जांच की थी। इस दौरान सात दुकानों और फर्मों के स्टॉक में विसंगतियां मिलने के साथ खाद बिक्री के निर्धारित नियमों की अनदेखी सामने आई। जांच में उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 (FCO) के प्रावधानों का उल्लंघन भी पाया गया।
इसके बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 (ECA) की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के बाद कलेक्टर कोर्ट ने संबंधित विक्रेताओं और फर्मों पर अर्थदंड लगाया।
ओवररेट पर खाद बेची तो होगी कड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद की कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री या नियमों की अनदेखी करने वाले विक्रेताओं को बख्शा नहीं जाएगा। सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर स्टॉक बोर्ड और रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में जांच के दौरान अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने समेत अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
खाद-बीज की गुणवत्ता की भी जांच
किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिले में लगातार नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। अब तक उर्वरकों के 143 नमूने, बीज के 197 नमूने और कीटनाशकों के 21 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।





