नारायणपुर, 25 जून 2026। बिलासपुर के सिरगिट्टी स्थित सेंट जेवियर स्कूल में नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और लंबे समय तक शोषण के आरोपों से जुड़े मामले को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को नारायणपुर में सर्व सेन समाज ने छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मामले में कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

समाज के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में कहा कि सेंट जेवियर स्कूल के एक शिक्षक पर नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और लगातार शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कथित घटना की जानकारी स्कूल के कुछ अन्य शिक्षकों और प्रबंधन को होने के बावजूद समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि शिकायतों और संकेतों को गंभीरता से लिया जाता तो संभवतः स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। इसलिए मामले में केवल मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान समाज के सदस्यों ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और नैतिक विकास के केंद्र होते हैं। ऐसे संस्थानों में यदि किसी छात्र या छात्रा के साथ इस प्रकार की घटनाएं होती हैं तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

सर्व सेन समाज ने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए, पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। समाज ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की भी मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समाज के सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और न्याय मिलने तक समाज अपनी आवाज उठाता रहेगा।

फिलहाल प्रशासन द्वारा ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित स्तर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। वहीं, मामले को लेकर प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों के बीच भी चर्चा जारी है तथा सभी की नजरें जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।