बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी और बिजली विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ताओं की सूचना और सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया। इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।
जमीन के नक्शा बटांकन के नाम पर मांगी रिश्वत
पहले मामले में रतनपुर निवासी अशोक अग्रवाल ने एंटी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने लालपुर स्थित अपनी जमीन के नक्शा बटांकन (सीमांकन संबंधी प्रक्रिया) के लिए लगभग एक वर्ष पहले तहसीलदार कार्यालय रतनपुर में आवेदन दिया था। तहसीलदार द्वारा मामले के निराकरण के लिए संबंधित पटवारी भानु चंद्राकर को निर्देशित किया गया था।
आरोप है कि पटवारी द्वारा कार्य करने के एवज में शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई।
निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही पटवारी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
बिजली विभाग का कर्मचारी भी गिरफ्त में
इसी दिन एसीबी ने एक अन्य कार्रवाई में बिजली विभाग के एक बाबू को भी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। बताया गया कि विभागीय कार्य के बदले पैसे मांगने की शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जांच की और आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
जैसे ही आरोपी कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। उसके कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई।
एसीबी की कार्रवाई से मचा हड़कंप
दो सरकारी कर्मचारियों की एक ही दिन में गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक और विभागीय हलकों में चर्चा तेज हो गई है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
लोगों से की शिकायत करने की अपील
एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो को दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायत सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
फिलहाल दोनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है।





