सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र में सरपंच पुत्र की गिरफ्तारी के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन लगातार जारी है। ग्रामीण पिछले करीब 9 घंटे से सड़क जाम कर धरने पर बैठे हैं, जिससे इलाके में यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
गिरफ्तारी वापस लेने की मांग पर अड़े ग्रामीण
प्रदर्शनकारी ग्रामीण सरपंच पुत्र की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कार्रवाई वापस लेने की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक सड़क जाम समाप्त नहीं हो सका था।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडों और पारंपरिक हथियारों के साथ मौजूद हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पांच जिलों की पुलिस को तैनात किया गया है। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुबह हुई थी हिंसक झड़प
दरअसल, शुक्रवार सुबह एसईसीएल के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण और सर्वे की कार्रवाई के दौरान मदननगर-धरमपुर क्षेत्र में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस दौरान हुए पथराव में एक डीएसपी सहित दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फिलहाल रोकी गई अधिग्रहण की कार्रवाई
सुबह हुई घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया। विरोध को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल भूमि अधिग्रहण और सर्वे की कार्रवाई स्थगित कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।





