राजनांदगांव। शहर के महेश नगर स्थित निर्माणाधीन तुलसी नर्सिंग होम की छत ढहने से महिला मजदूर की मौत के करीब साढ़े पांच साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने निर्माण कार्य में लापरवाही का दोषी पाते हुए नर्सिंग होम के संचालक अमोलक जैन को 6 माह के साधारण कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं सहआरोपी डॉ. विजयश्री जैन को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।


2020 में हुआ था दर्दनाक हादसा

अभियोजन के अनुसार, 15 दिसंबर 2020 को महेश नगर स्थित निर्माणाधीन तुलसी नर्सिंग होम में छत की ढलाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन छत और ढांचा अचानक भरभराकर गिर गया।

हादसे में महिला मजदूर ज्योति साहू मलबे में दब गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कमल सिंह, लोमन ठाकुर, राजेश ठाकुर और ईश्वरी साहू घायल हो गए थे।


अदालत ने माना निर्माण में लापरवाही

मामले की सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अमोलक जैन को निर्माण कार्य में लापरवाही का दोषी ठहराया और उन्हें 6 महीने के साधारण कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं अदालत ने सहआरोपी डॉ. विजयश्री जैन के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया।

इस फैसले के साथ करीब साढ़े पांच वर्ष पुराने इस चर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो गई।