रायपुर। जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत रायपुर जिले में 1 अगस्त से विशेष सर्वे अभियान शुरू होने जा रहा है। यह सर्वे पूरे अगस्त माह तक चलेगा। इस बार केवल आबादी की गणना ही नहीं होगी, बल्कि लोगों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने करीब 400 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम गठित की है, जिन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
सिर्फ जनसंख्या नहीं, सुविधाओं की भी होगी पड़ताल
प्रशासन के अनुसार इस सर्वे का उद्देश्य केवल लोगों की संख्या दर्ज करना नहीं है, बल्कि यह जानना भी है कि किस क्षेत्र में कौन-सी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं और किन क्षेत्रों में विकास कार्यों की जरूरत है। सर्वे के दौरान नौ प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी, ताकि भविष्य की योजनाएं वास्तविक जरूरतों के आधार पर तैयार की जा सकें।
इन 9 प्रमुख सुविधाओं का जुटाया जाएगा डाटा
सर्वे के दौरान जिन सुविधाओं का विवरण लिया जाएगा, उनमें प्रमुख रूप से—
- शिक्षा संस्थानों की उपलब्धता और स्थिति
- स्वास्थ्य सेवाएं एवं अस्पताल
- पेयजल व्यवस्था
- बिजली आपूर्ति
- सड़क और परिवहन सुविधाएं
- इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क
- बैंक एवं डाकघर जैसी वित्तीय सेवाएं
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन दुकानें)
- आंगनबाड़ी केंद्र एवं अन्य सरकारी संस्थानों की उपलब्धता
इन सभी बिंदुओं पर मौके पर जाकर वास्तविक जानकारी दर्ज की जाएगी।
गांव और शहर, दोनों क्षेत्रों में होगा सर्वे
ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे की जिम्मेदारी पंचायत सचिवों और पटवारियों को सौंपी गई है। वहीं शहरी क्षेत्रों में मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ), नगर निगम आयुक्त और अन्य अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। प्रत्येक गांव और वार्ड स्तर पर नियुक्त कर्मचारी संबंधित संस्थानों और सुविधाओं का भौतिक सत्यापन कर जानकारी दर्ज करेंगे।
विकास योजनाओं का बनेगा आधार
प्रशासन का कहना है कि सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में नए स्कूल, अस्पताल, सड़क, पेयजल या अन्य सुविधाओं की आवश्यकता है। जिन इलाकों में सुविधाओं की कमी होगी, वहां भविष्य की सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य प्रस्तावित किए जाएंगे। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
400 कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
सर्वे कार्य को त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उन्हें फॉर्म भरने की प्रक्रिया, डाटा संग्रह, सत्यापन और डिजिटल एंट्री की जानकारी दी गई है। साथ ही फील्ड में कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से भी अवगत कराया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गलत या अधूरी जानकारी देने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
पूरे अगस्त चलेगा अभियान
रायपुर जिले में यह विशेष जनगणना सर्वे 1 अगस्त से 31 अगस्त तक संचालित किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य निर्धारित समय के भीतर सभी गांवों और शहरी क्षेत्रों का सर्वे पूरा कर राज्य सरकार को सटीक और अद्यतन आंकड़े उपलब्ध कराना है, ताकि आने वाले वर्षों की विकास योजनाएं इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तैयार की जा सकें।





