रायगढ़। जिले में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत थाना चक्रधरनगर पुलिस ने पांच शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 9 लाख रुपये कीमत की 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरोह के तार रायगढ़ के साथ-साथ कोरबा, सक्ती और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने मामले में दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई। एसएसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को वाहन चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और चोरी के वाहनों की बरामदगी के निर्देश दिए थे।

चोरी की बाइक बेचने ग्राहक तलाश रहे थे आरोपी

पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को कमला नेहरू गार्डन के सामने से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर बाइक (CG-11-AM-7998) की जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक मेडिकल कॉलेज रोड पर चोरी की मोटरसाइकिल बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं।

सूचना मिलते ही चक्रधरनगर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अनिल मिश्रा और अमृत बहादुर के रूप में हुई। दोनों ने अपने साथियों बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय के साथ मिलकर चोरी की बाइक बेचने की बात स्वीकार की।

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अन्य तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

अलग-अलग जिलों और राज्यों से चुराई थीं बाइकें

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे संगठित तरीके से रायगढ़, कोरबा, सक्ती जिले के डभरा और मालखरौदा क्षेत्र सहित ओडिशा के बरगढ़ तथा अन्य सीमावर्ती इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। चोरी के बाद बाइक को अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखते थे और मौका मिलने पर बेच देते थे।

आरोपियों की निशानदेही पर:

  • अनिल मिश्रा के कब्जे से 10 बाइक
  • अमृत बहादुर से 2 बाइक
  • बोलो निषाद से 5 बाइक
  • चंद्रकुमार तिवारी से 4 बाइक

बरामद की गईं। कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं।

कमला नेहरू पार्क से चोरी हुई बाइक से शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पेंड्रावन निवासी घनाउ खरे की शिकायत से हुई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 27 दिसंबर 2025 को वह काम के सिलसिले में रायगढ़ आए थे और कमला नेहरू पार्क के सामने अपनी हीरो स्प्लेंडर बाइक खड़ी कर अंदर चले गए थे। करीब आधे घंटे बाद लौटने पर बाइक गायब मिली।

शिकायत के आधार पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 339/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान गिरोह के संगठित रूप से वारदात करने का खुलासा होने पर मामले में धारा 112(2) और 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई।

गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में:

  • अनिल मिश्रा (38 वर्ष), मिठ्ठूमूड़ा रायगढ़
  • बोलो निषाद (38 वर्ष), बड़े मानिकपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़
  • अमृत बहादुर (37 वर्ष), रैरूंमा, धरमजयगढ़
  • चंद्रकुमार तिवारी (37 वर्ष), राधापुर, सक्ती
  • चंदन राय (24 वर्ष), आईटीआई कॉलोनी रायगढ़

शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अनिल मिश्रा और चंदन राय का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। चंदन राय वर्ष 2015 से वाहन चोरी के मामलों में सक्रिय रहा है, जबकि अनिल मिश्रा के खिलाफ भी बाइक चोरी के कई प्रकरण दर्ज हैं।

भीड़भाड़ वाले इलाकों को बनाते थे निशाना

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी करते थे और फिर मौका देखकर बाइक चोरी कर लेते थे। गिरोह खासतौर पर हीरो स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स जैसी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाता था। लॉक तोड़कर चोरी की गई बाइक को दूसरे जिलों और राज्यों में बेच दिया जाता था।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने रायगढ़ शहर के कोतवाली क्षेत्र से दो और छाल क्षेत्र से एक बाइक चोरी करना भी स्वीकार किया है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना चक्रधरनगर प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सिद्धांत येरेवार, सहायक उप निरीक्षक आशिक रात्रे सहित प्रधान आरक्षक दिलीप भानु, बालचंद राव, आरक्षक अभिषेक द्विवेदी, चंद्र कुमार बंजारे, जितेंद्र कुर्रे, विक्रम सिंह, मिनकेतन पटेल और संदीप कौशिक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि वाहन चोरी जैसे संगठित अपराधों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। चोरी की संपत्ति बरामद कर अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाना पुलिस की प्राथमिकता है।