नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर आरोप लगाते हुए CEC से इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए। उनके आरोपों पर चुनाव आयोग या संबंधित पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों का किया जिक्र
राहुल गांधी ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले करीब 10 महीनों के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने विभिन्न मामलों में कई बार गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर विपक्ष पहले से सवाल उठाता रहा है, उन्हीं विषयों पर चुनाव आयोग के भीतर भी असहमति होने की बात सामने आ रही है।
CEC से इस्तीफे की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद छोड़ने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। हालांकि ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं और उनका अंतिम सत्यापन संबंधित संवैधानिक एवं न्यायिक प्रक्रियाओं के आधार पर ही होगा।
चुनाव में कथित गड़बड़ियों पर सबूत होने का दावा
राहुल गांधी ने कहा कि वे अपने आरोप बिना आधार के नहीं लगा रहे हैं और उनके पास इससे संबंधित जानकारी मौजूद है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े और दस्तावेज या तथ्य सार्वजनिक किए जा सकते हैं।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल
राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून और प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति व्यवस्था को लेकर विपक्ष पहले भी असहमति जता चुका है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस विषय में प्रधानमंत्री के समक्ष भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
महाराष्ट्र चुनाव का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव से जुड़े अपने पुराने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित कई सवालों के संतोषजनक जवाब मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चुनावी संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है।
मामला राजनीतिक बहस का केंद्र
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस विवाद में महत्वपूर्ण होगी।





