जगदलपुर। बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बीजापुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी की ओर से MMU का संचालन कर रही भव्या हेल्थ सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को जारी नोटिस में जांच, दवाओं और तकनीकी सुविधाओं से जुड़ी कई कमियों का उल्लेख किया गया है।

बीजापुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी ने 24 अगस्त 2026 को जारी पत्र में निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने के साथ कंपनी प्रबंधन से तीन दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित कमियां दूर नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई के लिए कंपनी स्वयं जिम्मेदार होगी।


आउटर लैब टेस्ट सिर्फ एक प्रतिशत, संख्या बढ़ाने के निर्देश

नोटिस के मुताबिक मोबाइल मेडिकल यूनिट में किए जा रहे कुल लैब टेस्ट की तुलना में आउटर लैब टेस्ट की संख्या करीब एक प्रतिशत है। इसे बेहद कम मानते हुए इसकी संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस स्थिति ने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही जांच सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर ऐसी जांच, जो मोबाइल मेडिकल यूनिट में उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए आउटर लैब व्यवस्था के प्रभावी इस्तेमाल की जरूरत बताई गई है।


एक्सपायर दवाएं मिलने का उल्लेख

निरीक्षण में सामने आई गंभीर कमियों में एक्सपायर दवाओं की मौजूदगी का भी उल्लेख है। कंपनी प्रबंधन को दवाओं के स्टॉक और एक्सपायरी को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं तथा एक्सपायर दवाओं की संख्या शून्य रखने को कहा गया है।

स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी मोबाइल यूनिट में एक्सपायर दवाओं की मौजूदगी ने स्टॉक मैनेजमेंट, नियमित जांच और दवाओं की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।


प्रिंटर खराब, मरीजों को नहीं मिल रही OPD पर्ची

बीजापुर में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में प्रिंटर खराब होने के कारण मरीजों को OPD पर्ची नहीं दिए जाने की बात भी नोटिस में दर्ज है।

इसके अलावा यूनिट में लगा टीवी खराब होने के कारण स्वास्थ्य योजनाओं और जागरूकता से जुड़ी प्रचार सामग्री का प्रसारण भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। इन तकनीकी खामियों को दूर कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।


जगदलपुर में डॉक्टरों की कमी का भी दावा

बीजापुर में सामने आई कमियों के बीच संभाग मुख्यालय जगदलपुर में भी MMU के संचालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मोबाइल मेडिकल यूनिट में नियमित चिकित्सकों की उपलब्धता प्रभावित है।

डॉक्टरों की कमी के कारण कुछ यूनिट के संचालन पर असर पड़ने का दावा किया गया है। हालांकि इस संबंध में विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।


ऑडिट में कमियां, सुधार की निगरानी पर सवाल

मोबाइल मेडिकल यूनिट की मासिक TPA ऑडिट रिपोर्ट में भी विभिन्न कमियां सामने आने की बात कही गई है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता, जांच सुविधाओं के इस्तेमाल, दवाओं के स्टॉक और तकनीकी संसाधनों को लेकर उठ रहे सवालों के बाद अब योजना की निगरानी व्यवस्था भी चर्चा में है।


तीन दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी

बीजापुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी की ओर से जारी नोटिस में कंपनी को निरीक्षण में सामने आई कमियों पर तीन दिनों के भीतर जवाब और प्रतिवेदन देने को कहा गया है।

साथ ही कमियों को दूर नहीं किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मामले में कंपनी प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए संपर्क किए जाने की बात कही गई, लेकिन फोन पर प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

अब निगरानी और आगामी कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि नोटिस में दर्ज कमियों को दूर करने के लिए कंपनी और संबंधित विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।