भोपाल। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग इन दिनों घरों, दफ्तरों और वाहनों में घंटों एयर कंडीशनर (एसी) का इस्तेमाल कर रहे हैं। बढ़ते तापमान के बीच एसी आराम तो देता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक लगातार एसी में रहने से स्वास्थ्य पर कई नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं। खासतौर पर तब, जब एसी का तापमान बहुत कम रखा जाए और व्यक्ति का प्राकृतिक वातावरण से संपर्क कम हो जाए।
त्वचा और आंखों पर असर
डॉक्टरों के अनुसार एसी लगातार कमरे की नमी को कम करता है, जिससे त्वचा रूखी और बेजान हो सकती है। इसके अलावा आंखों में सूखापन, जलन और खुजली जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। जो लोग लंबे समय तक कंप्यूटर स्क्रीन के सामने काम करते हैं, उन्हें यह परेशानी और अधिक महसूस हो सकती है।
सिरदर्द और थकान की शिकायत
कई लोगों को लंबे समय तक एसी में बैठने के बाद सिरदर्द, सुस्ती और थकान महसूस होने लगती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बंद कमरों में पर्याप्त ताजी हवा न मिलने और तापमान में लगातार अंतर रहने से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे ऐसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
गले और सांस संबंधी समस्याएं
एसी की ठंडी और शुष्क हवा गले में खराश, खांसी और सर्दी-जुकाम जैसी परेशानियों को बढ़ा सकती है। जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या अन्य श्वसन संबंधी रोग हैं, उनके लिए लंबे समय तक एसी में रहना अधिक परेशानी का कारण बन सकता है। यदि एसी के फिल्टर समय-समय पर साफ नहीं किए जाएं, तो उनमें जमा धूल और बैक्टीरिया भी स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
शरीर में पानी की कमी का खतरा
एसी वाले वातावरण में रहने पर शरीर को पसीना कम आता है, जिससे कई बार लोगों को प्यास का एहसास भी कम होता है। इसके कारण शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। डॉक्टर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह देते हैं, भले ही प्यास महसूस न हो रही हो।
तापमान में अचानक बदलाव से बढ़ती परेशानी
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक ठंडे कमरे में रहने के बाद अचानक तेज धूप या गर्म वातावरण में निकलने से शरीर के तापमान संतुलन पर असर पड़ सकता है। इससे चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कैसे करें बचाव?
- एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें।
- हर कुछ समय बाद कमरे से बाहर निकलकर ताजी हवा लें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- एसी के फिल्टर की नियमित सफाई कराएं।
- आंखों और त्वचा को सूखने से बचाने के लिए आवश्यक देखभाल करें।
- एसी और बाहरी तापमान के बीच बहुत अधिक अंतर न रखें।
डॉक्टरों का कहना है कि एसी का संतुलित और सावधानीपूर्वक उपयोग किया जाए तो गर्मी से राहत के साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।





