रायपुर, 30 जून। रायपुर के धरसींवा विकासखंड स्थित ग्राम सम्मानपुर (नकटी) में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए।
भूपेश बघेल ने कहा कि किसी भी अतिक्रमण विरोधी अभियान में सबसे पहले प्रभावित परिवारों के अधिकारों, पुनर्वास और मानवीय पहलुओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के साथ संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए, लेकिन यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पात्र लोगों को उचित पुनर्वास और आवश्यक सुविधाएं मिलें।
कांग्रेस का कहना है कि जिन परिवारों को हटाया गया है, उनकी स्थिति और पुनर्वास की व्यवस्था का स्वतंत्र रूप से आकलन किया जाना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर गरीबों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है।
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई। अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि शासकीय है और अतिक्रमण हटाने से पहले कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। प्रशासन का यह भी दावा है कि प्रभावित पात्र परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था नवा रायपुर में की गई है और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक करार देते हुए कहा कि सरकार शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए पुनर्वास की प्रक्रिया का भी पालन किया गया।
नकटी की कार्रवाई को लेकर अब प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर गरीब विरोधी रवैये का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा प्रशासनिक कार्रवाई को कानूनसम्मत और जनहित में बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और गर्मा सकता है।





