रायपुर। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं। योजना शुरू होने के बाद से अब तक 1 लाख 55 हजार 655 महिलाएं लाभार्थियों की सूची से बाहर हो चुकी हैं। इनमें से 1 लाख 21 हजार 401 लाभार्थी महिलाओं की मृत्यु होने के कारण उनके नाम योजना से हटाए गए हैं।

महतारी वंदन योजना की शुरुआत मार्च 2024 में हुई थी। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। शुरुआत में 70 लाख से अधिक महिलाओं को पहली किस्त का लाभ मिला था, जबकि जून 2026 में 68 लाख 54 हजार 3 महिलाओं को योजना की राशि दी गई।


1.21 लाख महिलाओं की मृत्यु के बाद हटाए गए नाम

सामने आए आंकड़ों के अनुसार, योजना से नाम हटने की प्रमुख वजहों में लाभार्थियों की मृत्यु भी शामिल है। 1,21,401 लाभार्थी महिलाओं की मृत्यु दर्ज होने के बाद उनके नाम सूची से हटाए गए।

इसके अलावा पात्रता नियमों को पूरा नहीं करने वाली महिलाओं की पहचान भी की जा रही है। KYC और जरूरी दस्तावेजों की जांच के जरिए लाभार्थियों की पात्रता का सत्यापन किया जा रहा है।


1.55 लाख से ज्यादा महिलाएं योजना से बाहर

योजना के लिए कुल 70 लाख 27 हजार 154 आवेदन प्राप्त हुए थे, जबकि 70 लाख 9 हजार 158 महिलाओं को शुरुआती किस्त का लाभ मिला था। जून 2026 में लाभार्थियों की संख्या घटकर 68 लाख 54 हजार 3 रह गई।

इस हिसाब से शुरुआती लाभार्थियों की संख्या की तुलना में 1 लाख 55 हजार 655 महिलाएं योजना से बाहर हुई हैं।


अपात्र लाभार्थियों की भी हो रही पहचान

जांच के दौरान 54,127 लाभार्थियों को अपात्र पाए जाने की बात सामने आई है। इसके पीछे सरकारी नौकरी, एक से अधिक आवेदन, निर्धारित आयु से कम होना, अविवाहित होना, छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी नहीं होना और आयकरदाता होने जैसे अलग-अलग कारण बताए गए हैं।

इसके अलावा करीब 30 हजार महिलाओं की राशि KYC या जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी कमियों के कारण रोके जाने की जानकारी भी सामने आई है।


योजना पर अब तक 18,807 करोड़ रुपये खर्च

महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 18 हजार 807 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता भेजी जाती है।

लाभार्थियों की संख्या में आई कमी के पीछे मृत्यु, पात्रता और दस्तावेजों से जुड़े अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं।