कांकेर। जिले में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे ‘उजियारा अभियान’ के तहत नरहरपुर पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से कुल 14 लीटर अवैध देशी महुआ शराब जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश
पुलिस के मुताबिक, कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू के मार्गदर्शन और एसडीओपी हरिश कुमार पाटिल के निर्देश पर नरहरपुर थाना पुलिस क्षेत्र में लगातार गश्त और पेट्रोलिंग कर रही है।
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से अवैध शराब रखे जाने की सूचना मिली। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर दो संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी लेने पर दोनों के पास से देशी महुआ शराब बरामद हुई। पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में शराब जब्त कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
दोनों आरोपियों से 7-7 लीटर महुआ शराब जब्त
पुलिस ने कुसुमपानी निवासी 37 वर्षीय सुखचंद कोर्राम के कब्जे से सात लीटर देशी महुआ शराब जब्त की। उसके खिलाफ नरहरपुर थाने में अपराध क्रमांक 175/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) में मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, मण्डरादरहा निवासी 32 वर्षीय यशवंत कुजाम के पास से भी सात लीटर देशी महुआ शराब बरामद की गई। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 177/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) में कार्रवाई की गई है। इस तरह दोनों मामलों में पुलिस ने कुल 14 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की है।
26 और 27 अगस्त को हुई कार्रवाई
नरहरपुर पुलिस ने यह कार्रवाई 26 और 27 अगस्त 2026 को की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ‘उजियारा अभियान’ के तहत इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक सोमेश सिंह बघेल के नेतृत्व में की गई। टीम में प्रधान आरक्षक खेमराज नेताम, संध्यालाल मंडावी, आरक्षक धर्मेन्द्र साहू, रामनाथ ध्रुव, नीलेश निषाद, राहुल जाटव, महिला आरक्षक पूर्णिमा मरकाम और महिला सैनिक महेश्वरी नाग शामिल रहे।
कांकेर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपने आसपास होने वाली संदिग्ध या आपराधिक गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस के मुताबिक, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।





