रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में बेदखली और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में लोगों के घरों में पहुंचकर तोड़फोड़ करना पूरी तरह गलत है और इस तरह की कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने पहले ही संबंधित अधिकारियों से इस विषय पर चर्चा की थी और लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने की बात कही थी। इसके बावजूद रात में लोगों के घरों पर पहुंचकर तोड़फोड़ की गई, जो किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
"मुझसे बातचीत के बाद भी जिस तरह लोगों के घरों में तोड़फोड़ की गई, वह माफ करने लायक नहीं है। रात के अंधेरे में इस प्रकार की कार्रवाई पूरी तरह गलत है। जिन अधिकारियों ने यह दुस्साहस किया है, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"
सांसद ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई हमेशा कानून के दायरे में और मानवीय संवेदनाओं का सम्मान करते हुए की जानी चाहिए। यदि किसी स्थान पर अतिक्रमण हटाना आवश्यक भी हो, तो प्रभावित लोगों को पर्याप्त सूचना, समय और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए। देर रात इस तरह की कार्रवाई से लोगों में भय और असंतोष का माहौल बनता है, जो उचित नहीं है।
नकटी गांव में हुई कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार विरोध दर्ज कराया जा रहा है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय और उचित अवसर दिए बिना ही उनके घरों पर बुलडोजर चलाया गया। वहीं प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार की गई है और संबंधित प्रक्रिया का पालन किया गया।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष भी सरकार और प्रशासन को घेरने में जुटा है, जबकि प्रभावित ग्रामीण न्याय और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और प्रशासन इस विवाद पर आगे क्या फैसला लेते हैं।





