भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार राज्य के प्रमुख मंदिरों में दान व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत श्रद्धालु अब मंदिरों में नकद दान के साथ-साथ ऑनलाइन भुगतान, यूपीआई और क्यूआर कोड स्कैन कर भी दान कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य मंदिरों में प्राप्त होने वाले चढ़ावे और दान की निगरानी को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के कई बड़े और प्रसिद्ध मंदिरों में डिजिटल दान प्रणाली लागू करने की तैयारी की जा रही है। मंदिर परिसरों में क्यूआर कोड आधारित भुगतान सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे श्रद्धालु सीधे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से दान कर सकेंगे। दान की राशि सीधे मंदिर प्रबंधन के अधिकृत बैंक खातों में जमा होगी, जिससे नकदी प्रबंधन से जुड़ी समस्याएं कम होंगी।

पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

राज्य सरकार का मानना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था से दान की प्रत्येक राशि का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इससे मंदिरों की आय, व्यय और विकास कार्यों की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। मंदिर प्रशासन को नियमित रूप से डिजिटल रिपोर्टिंग और ऑडिट प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा।

विवादों के बाद नई पहल

हाल के वर्षों में देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों के प्रबंधन और दान राशि के उपयोग को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे मामलों के बाद सरकारें धार्मिक संस्थानों में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश सरकार मंदिर प्रबंधन के लिए एक नया मॉडल तैयार कर रही है, जिसमें डिजिटल तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

श्रद्धालुओं को होगी सुविधा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को नकदी साथ रखने की आवश्यकता नहीं होगी। देश और विदेश में रहने वाले भक्त भी ऑनलाइन माध्यम से मंदिरों को दान भेज सकेंगे। इससे धार्मिक संस्थानों तक पहुंच आसान होगी और दान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित तथा सुविधाजनक बनेगी।

चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार

सरकार पहले चरण में प्रदेश के प्रमुख और अधिक दान प्राप्त करने वाले मंदिरों में यह व्यवस्था लागू करेगी। इसके बाद आवश्यकता और सफलता के आधार पर अन्य मंदिरों को भी डिजिटल दान प्रणाली से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से मंदिरों के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी और श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत होगा।