दंतेवाड़ा। कुत्तों के झुंड से बचते-बचाते एक माउस डियर भटककर दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गया। डरे-सहमे वन्यजीव को देखकर इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने सावधानी से माउस डियर का रेस्क्यू किया। स्वास्थ्य परीक्षण और जरूरी उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर उसे बचेली वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

कुत्तों से बचने के दौरान पहुंचा कलेक्ट्रेट

जानकारी के मुताबिक, माउस डियर का कुछ कुत्ते पीछा कर रहे थे। उनसे बचने के प्रयास में वह रास्ता भटक गया और कलेक्ट्रेट परिसर में जा पहुंचा। वन्यजीव के परिसर में दिखाई देने के बाद वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना नुकसान पहुंचाए उसे सुरक्षित कब्जे में लिया।

स्वास्थ्य जांच के बाद जंगल में छोड़ा

रेस्क्यू के बाद माउस डियर का पशु चिकित्सा अधिकारी से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। जरूरी उपचार और निगरानी के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे बचेली वन क्षेत्र के उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया।

माउस डियर दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीवों में शामिल है। वन विभाग के अनुसार, वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन्यजीवों के संरक्षण और उनके सुरक्षित पुनर्वास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

वन विभाग ने लोगों से की अपील

वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि आबादी वाले क्षेत्र में कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो उसे पकड़ने, भगाने या उसके नजदीक जाने की कोशिश न करें। तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू कर सके।

विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा में आम लोगों की जागरूकता और सहयोग भी महत्वपूर्ण है। समय पर सूचना मिलने से वन्यजीवों की जान बचाने के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को भी कम किया जा सकता है।