रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी वर्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम में आए बदलाव से लोगों को उमस से राहत मिलेगी, वहीं किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से आगामी दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने के संकेत हैं।

विभाग का अनुमान है कि 5, 6 और 7 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आसमान बादलों से ढका रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 8 अगस्त के बाद बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगेगी, हालांकि कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का क्रम बना रह सकता है।

मौसम विभाग ने फिलहाल 10 और 11 अगस्त के लिए किसी बड़े मौसमीय खतरे या भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की है। साथ ही अगले पांच दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।

राजधानी रायपुर में भी मौसम सुहावना रहने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और एक-दो दौर की बारिश हो सकती है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम और वज्रपात के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। किसानों को खेतों में कार्य करने से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। वहीं आम नागरिकों से भी गरज-चमक के समय खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित स्थान पर शरण लेने का आग्रह किया गया है।

मानसून की दोबारा सक्रियता से प्रदेश में जहां गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं खरीफ फसलों के लिए भी यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है।