सरगुजा। छत्तीसगढ़ में मानसून की शुरुआत के साथ ही सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। शुक्रवार को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करैत सांप के डंसने से दो मासूम सगे भाइयों सहित तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बलरामपुर जिले के दो भाई और जशपुर जिले की एक महिला शामिल हैं। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के रहने वाले दो सगे भाइयों को रात के दौरान करैत सांप ने डंस लिया। परिजनों ने दोनों को गंभीर हालत में तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, जशपुर जिले की एक महिला की भी करैत सांप के काटने से तबीयत बिगड़ गई थी। उसे भी इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
चिकित्सकों का कहना है कि मानसून के दौरान करैत सहित अन्य जहरीले सांप बिलों से बाहर निकल आते हैं और रात के समय घरों व आसपास के क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में समय पर उपचार और एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध होना बेहद जरूरी होता है। थोड़ी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में रात के समय बिना रोशनी के बाहर न निकलें, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें।
लगातार सामने आ रहे सर्पदंश के मामलों ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता, समय पर उपचार और प्राथमिक सावधानियां अपनाकर ऐसी घटनाओं से होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।





