मुंगेली। शहर के व्यस्त दाऊपारा इलाके में देर रात एक मोबाइल दुकान में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दुबे मोबाइल दुकान में लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। आग की चपेट में आने से दुकान में रखे मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज समेत लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद दमकल वाहन के देरी से पहुंचने को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने नाराजगी जताई है।
कुछ ही देर में पूरी दुकान को आग ने लिया चपेट में
जानकारी के मुताबिक, देर रात दुबे मोबाइल दुकान से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि दुकान में रखा सामान बचाया नहीं जा सका।
आग में मोबाइल फोन, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जल गया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
दमकल के देर से पहुंचने पर व्यापारियों में नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने शहर की दमकल व्यवस्था पर सवाल उठाए। व्यापारियों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद दमकल वाहन समय पर मौके पर नहीं पहुंच सका। उनका कहना है कि यदि दमकल की टीम जल्दी पहुंचती तो नुकसान को कम किया जा सकता था।
व्यापारियों के मुताबिक, पिछले करीब एक साल में मुंगेली शहर में यह तीसरा बड़ा अग्निकांड है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के कारण बाजार क्षेत्र के व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने उठाई व्यवस्था सुधारने की मांग
घटना के बाद चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी दमकल व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई है। व्यापारियों का कहना है कि फायर ब्रिगेड के वाहनों को सिटी कोतवाली परिसर या शहर के किसी मध्य क्षेत्र में तैनात किया जाना चाहिए, जिससे आपात स्थिति में दमकल टीम कम समय में घटनास्थल तक पहुंच सके।
दाऊपारा सहित शहर के कई बाजार इलाकों में सड़कें और गलियां संकरी हैं। ऐसे में दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी होती है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को बाजार क्षेत्रों के लिए अलग से प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था तैयार करनी चाहिए।
SDM और CMO ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
आग लगने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम और सीएमओ भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली। साथ ही पीड़ित व्यवसायी को नियमानुसार प्रशासनिक मदद का भरोसा दिलाया गया।
फिलहाल आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, इस घटना के बाद शहर में दमकल व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।





