जशपुर। जिले के दुलदुला वन परिक्षेत्र में करंट की चपेट में आने से एक नर हाथी की मौत के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि वन्यजीवों के शिकार के लिए जंगल और खेत की सीमा पर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा बिजली का तार बिछाया गया था। इसी करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से हाथी की मौत होने की आशंका जताई गई है। मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पांच अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।


नोनपानी जंगल में मिला था हाथी का शव

24 सितंबर की सुबह ढोढ़ीआरा गांव के नोनपानी जंगल में नर हाथी का शव मिला था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच में जंगल और खेत की सीमा के आसपास बिजली के तार बिछाए जाने के प्रमाण मिले। वन विभाग को आशंका है कि जंगली सूअर और अन्य वन्यजीवों के शिकार के लिए इन तारों में करंट प्रवाहित किया गया था।


तीन मकानों में दबिश, शिकार का सामान बरामद

जांच आगे बढ़ने पर वन विभाग ने संदिग्धों से पूछताछ की और ढोढ़ीआरा गांव में तीन मकानों की तलाशी ली। इस दौरान करंट लगाने में इस्तेमाल किए जाने वाले तार और अन्य सामग्री बरामद की गई।

एक मकान से मोर के पंख और वन्यजीवों को फंसाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फंदा भी बरामद हुआ। सभी सामग्रियों को जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।


जंगल में छिपाया गया था तार

पूछताछ के दौरान पोनहारी गांव के सलिंदर और रूपेश से मिली जानकारी के आधार पर वन विभाग की टीम जंगल में पहुंची। दोनों की निशानदेही पर नाले के पास छिपाकर रखा गया विद्युत तार बरामद किया गया।

वन विभाग ने घटनास्थल, तार बिछाने वाले रास्ते और बरामदगी की पूरी कार्रवाई की फोटो और वीडियोग्राफी भी कराई है।


11 लोगों के शामिल होने का संदेह

वन विभाग की जांच में इस पूरे मामले में करीब 11 लोगों के शामिल होने की आशंका सामने आई है। आरोप है कि इन लोगों ने वन्यजीवों के शिकार के लिए करंट वाला तार बिछाया था।

हाथी की मौत के बाद आरोपियों ने कथित रूप से तार को घटनास्थल से हटाकर अलग-अलग स्थानों पर छिपाने की कोशिश की थी।


छह आरोपी गिरफ्तार, पांच अब भी फरार

वन विभाग ने मामले में अब तक समीर टोप्पो, अगसतुस एक्का, रूपेश एक्का, दिनेश राम, सलिंद्र राम और तरसियुस राम को गिरफ्तार किया है। वहीं, पांच अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

विभाग का दावा है कि सूचना मिलने के करीब 18 घंटे के भीतर संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।


वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 समेत अन्य लागू धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।


पोस्टमार्टम के बाद दफनाया गया हाथी

मृत हाथी का पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। सरगुजा से पहुंचे डॉ. अजीत पांडेय सहित स्थानीय पशु चिकित्सकों ने जांच की और जरूरी नमूने सुरक्षित किए।

पोस्टमार्टम के बाद निर्धारित प्रक्रिया और वन्यजीव संबंधी नियमों के अनुसार हाथी को दफनाया गया।

जशपुर डीएफओ शशि कुमार के अनुसार, मामले में शामिल बताए जा रहे 11 लोगों में से छह की गिरफ्तारी हो चुकी है। शेष पांच की तलाश जारी है। वन विभाग यह भी जांच कर रहा है कि आरोपियों का पहले के किसी वन्यजीव अपराध से संबंध रहा है या नहीं।