रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को बड़ी राहत दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने महंगाई राहत की दरों में बढ़ोतरी करते हुए सातवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए 58 प्रतिशत और छठवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए 257 प्रतिशत महंगाई राहत निर्धारित की है। बढ़ी हुई दरों का लाभ 1 जनवरी 2026 से मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने इस संबंध में आदेश जारी करने की प्रक्रिया पूरी की है। मंत्रालय की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक को महंगाई राहत में बढ़ोतरी से संबंधित पत्र जारी किया गया है।


1 जनवरी से 58% और 257% की दर से मिलेगी राहत

विभाग के मुताबिक सातवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 1 जनवरी 2026 से 58 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दी जाएगी।

वहीं छठवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को इसी तारीख से 257 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।

सरकार के इस फैसले से नगरीय निकायों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके पात्र परिवार पेंशनधारियों को बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिल सकेगा।


सितंबर से दिसंबर 2025 की दरों में भी बढ़ोतरी

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 1 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि के लिए भी महंगाई राहत की संशोधित दरें निर्धारित की हैं।

इस अवधि में सातवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 55 प्रतिशत, जबकि छठवें वेतनमान के तहत आने वालों को 252 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी।


अरुण साव के अनुमोदन के बाद जारी हुआ पत्र

महंगाई राहत बढ़ाने के प्रस्ताव को उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की मंजूरी मिलने के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय स्तर से संबंधित पत्र जारी किया है।

नई व्यवस्था के तहत पात्र पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को निर्धारित अवधि के अनुसार संशोधित महंगाई राहत का लाभ दिया जाएगा। इससे नगरीय निकायों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।