जगदलपुर/मलकानगिरी। ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे इलाके में माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। ओडिशा के मलकानगिरी जिले में डिस्ट्रिक्ट वॉलंटियर फोर्स (DVF) ने जंगल में छिपाकर रखे गए माओवादी डंप का पता लगाया है। यहां से देसी हथियार, अलग-अलग वजन के IED, क्लेमोर माइन और अन्य माओवादी सामग्री बरामद की गई है।
बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर बुधवार तड़के यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
चार इलाकों के जंगलों में चला सर्च ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक DVF की टीम ने मथिली थाना क्षेत्र के चेरकोटला, किर्मिती, कोटवापादर और कडाभाटा के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया।
यह इलाका छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र और सुकमा जिले के पुषपाल थाना क्षेत्र से लगा हुआ है। घने जंगल और अंतरराज्यीय सीमा होने के कारण यह क्षेत्र माओवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
तीन देसी बंदूकें और कई IED बरामद
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को जंगल में छिपाकर रखा गया डंप मिला। यहां से तीन देसी बंदूकें बरामद की गई हैं।
इसके अलावा 5 किलो, 3 किलो और 2 किलो वजन के कई IED, दो क्लेमोर माइन, कोडेक्स वायर, माओवादी बैनर और अन्य सामग्री भी बरामद होने की जानकारी है।
आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली थी जानकारी
इस कार्रवाई में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली सूचना महत्वपूर्ण बताई जा रही है। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया था।
इसके बाद जंगल के भीतर छिपाकर रखे गए डंप तक सुरक्षा बल पहुंचे और सामग्री को अपने कब्जे में लिया।
बरामद सामग्री की जांच जारी
सुरक्षा बलों ने बरामद हथियारों, विस्फोटकों और अन्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि डंप कब तैयार किया गया था और इसका इस्तेमाल किन माओवादी गतिविधियों के लिए किया जाना था।
डंप की बरामदगी के बाद आसपास के जंगलों में सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा का यह क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के कारण संवेदनशील रहा है।





