रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बहुचर्चित सहारा इंडिया निवेश धोखाधड़ी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत कोतवाली पुलिस ने करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे सहारा इंडिया के पूर्व ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।


पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में दर्ज शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई थी। शिकायत में आरोप था कि सहारा इंडिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी को भरोसेमंद बताकर तथा अधिकृत संस्था होने का दावा करते हुए लोगों से विभिन्न निवेश योजनाओं में लाखों रुपये जमा कराए। निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं की गई।


3,848 निवेशकों से 40.78 करोड़ रुपये की ठगी

जांच के दौरान सामने आया कि सहारा इंडिया के नाम पर निवेशकों से रकम जमा कराई गई और अलग-अलग सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी किए गए। जिला प्रशासन, बैंकों और निवेशकों से प्राप्त दस्तावेजों की जांच में अब तक 3,848 निवेशकों से करीब 40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।

इस मामले में पुलिस पहले ही सहारा इंडिया के कई पूर्व शाखा प्रबंधकों, सेक्टर मैनेजरों, रीजनल मैनेजर और अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है तथा उनके खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश किया जा चुका है।


ससुराल से दबोचा गया आरोपी

पुलिस को सूचना मिली थी कि फरार आरोपी विजय कुमार शराफ अपने ससुराल कोतरारोड़ क्षेत्र में आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी से कंपनी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए, जिनमें फ्रेंचाइजी कार्यालय के प्रशासनिक आदेश, एमओयू की प्रतियां और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं।


अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने आरोपी से बैंक खातों, नियुक्ति संबंधी दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और कथित धोखाधड़ी की रकम से खरीदे गए वाहन भी जब्त किए हैं। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और नए साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।