बिलासपुर। कांग्रेस नेता पर हमले की साजिश के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी दीपक तिवारी (29) को तारबाहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी नेपाल चला गया था। तकनीकी निगरानी और साइबर टीम की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई और बाद में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। आरोपी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला थाना क्षेत्र के पटेराटोला का रहने वाला है।
मॉर्निंग वॉक के दौरान हुआ था हमला
पुलिस के अनुसार, घटना 4 जुलाई 2026 की सुबह की है। शिशिर कश्यप ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता सुबह करीब 6:45 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे।
रेलवे अस्पताल के पास पहुंचने पर तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे और उनके हाथों में डंडे व नुकीली वस्तुएं थीं। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
CCTV फुटेज से पुलिस को मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इससे संदिग्धों की गतिविधियों और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल के बारे में जानकारी मिली।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान आगे बढ़ाई। मामले में नितिन टेकाम, एक विधि से संघर्षरत बालक, आंचल साहिल और नवीन पटेल को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका था। मुख्य आरोपी दीपक तिवारी फरार था।
गिरफ्तारी से बचने नेपाल चला गया था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, दीपक तिवारी की तलाश में तारबाहर पुलिस और साइबर टीम लगातार संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान जानकारी मिली कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल चला गया था।
तकनीकी इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया और संभावित ठिकाने की घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद दीपक तिवारी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में तारबाहर पुलिस और साइबर टीम आगे की जांच कर रही है।
पुलिस ने प्रकरण में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।





