रायपुर। झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में NIA की विशेष अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अब झीरम कांड से जुड़े पीड़ित और प्रभावित परिवारों का एक प्रतिनिधिमंडल 26 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करेगा। बताया जा रहा है कि प्रतिनिधिमंडल में डेढ़ दर्जन से अधिक परिवारों के सदस्य शामिल हो सकते हैं। मुलाकात के दौरान अदालत के फैसले, पीड़ित परिवारों की मांगों और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा होने की संभावना है।
10 दोषियों को सुनाई गई है मृत्युदंड की सजा
झीरम घाटी मामले में जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 16 सितंबर 2026 को सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इससे पहले अदालत ने 5 सितंबर को उन्हें दोषी करार दिया था। यह मामला 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हुए माओवादी हमले से जुड़ा है।
अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवारों और कांग्रेस नेताओं के बीच आगे की कानूनी रणनीति को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। अब दिल्ली में राहुल गांधी से प्रस्तावित मुलाकात को इसी क्रम की अगली कड़ी माना जा रहा है।
कोर्ट के फैसले की जानकारी राहुल गांधी को देंगे परिवार
जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार राहुल गांधी को विशेष अदालत के फैसले और मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की जानकारी देंगे। इसके साथ ही आगे की न्यायिक प्रक्रिया और परिवारों की मांगों को लेकर भी चर्चा की जा सकती है।
कांग्रेस ने बैठक में लिया था केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा का फैसला
NIA कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस की बैठक में मामले को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखने का निर्णय लिया गया था। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने और उनसे मार्गदर्शन लेने की बात कही गई थी।
दिल्ली में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से भी मुलाकात संभव
दिल्ली दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों की कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी बातचीत हो सकती है। कांग्रेस इससे पहले पीड़ित और प्रभावित परिवारों के साथ दिल्ली में मामले को लेकर अपना पक्ष रखने और आगे की कानूनी लड़ाई पर चर्चा करने की बात कह चुकी है।
आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर रहेगी नजर
मृत्युदंड के मामलों में आगे उच्च न्यायालय स्तर पर न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में 26 सितंबर की बैठक के बाद पीड़ित परिवार और कांग्रेस नेता मामले में आगे उठाए जाने वाले कानूनी कदमों को लेकर विचार-विमर्श कर सकते हैं।





