जगदलपुर। बस्तर और पड़ोसी ओडिशा में लगातार हो रही बारिश से इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और जलस्तर 8.40 मीटर तक पहुंचने की जानकारी है। जगदलपुर के पुराने पुल के ऊपर से भी पानी बहने लगा है। नदी-नालों के उफान पर आने से बस्तर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
इंद्रावती के साथ ही उसकी सहायक नदियों और नालों में भी पानी तेजी से बढ़ा है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है और SDRF को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जगदलपुर तहसील प्रशासन की ओर से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में मुनादी कर लोगों को नदी-नालों तथा जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
सड़कों पर बह रहा बाढ़ का पानी, आवाजाही प्रभावित
बेलगांव-नगरनार को जोड़ने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी बहने से यातायात प्रभावित हुआ है। इसके बावजूद कुछ लोग पानी के बीच से सड़क पार करते नजर आए। प्रशासन ने लोगों से ऐसे स्थानों पर जोखिम नहीं उठाने और सुरक्षित रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
कई ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। पानी और बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
चित्रकोट जलप्रपात का बढ़ा जलप्रवाह
लगातार बारिश का असर प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पर भी दिखाई दे रहा है। इंद्रावती में पानी बढ़ने से चित्रकोट जलप्रपात का प्रवाह काफी तेज हो गया है। विशाल जलराशि के साथ गिरता झरना आकर्षक दिखाई दे रहा है, हालांकि बढ़े जलस्तर को देखते हुए पर्यटकों के लिए सावधानी जरूरी है।
अगले 24 घंटे भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल जारी रहने की संभावना है। अगले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
राजधानी रायपुर में भी रविवार दोपहर करीब दो घंटे तक तेज बारिश होने से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर के पास एक नाले में फंसे युवक को लोगों ने रस्सी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला।
अगले सात दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में अगले सात दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता में अंतर देखने को मिल सकता है।
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने और बाढ़ प्रभावित रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।





