सुकमा। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ने लगा है। जिन गांवों में वर्षों से मोबाइल नेटवर्क नहीं था, वहां अब फोन की घंटी बज रही है। गोंडिगुड़ा के साथ सुन्नापेंटा, दूंगाबाबू और टेटरई जैसे अंदरूनी गांवों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा शुरू होने से चार हजार से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने का काम किया जा रहा है। इसी क्रम में सुकमा के नेटवर्क विहीन इलाकों तक मोबाइल सेवा पहुंचाई जा रही है।
जरूरी फोन के लिए अब नहीं जाना पड़ेगा दूर
इन गांवों में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को जरूरी फोन करने के लिए कई बार गांव से दूर नेटवर्क वाले स्थान तक जाना पड़ता था। नेटवर्क उपलब्ध होने के बाद अब वे गांव से ही अपने परिवार और परिचितों से संपर्क कर सकेंगे। आपात स्थिति में एंबुलेंस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन तक सूचना पहुंचाना भी आसान होगा।
छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई में मिलेगी मदद
मोबाइल इंटरनेट शुरू होने का फायदा विद्यार्थियों को भी मिलेगा। वे ऑनलाइन कक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और डिजिटल अध्ययन सामग्री से जुड़ सकेंगे। इसके अलावा सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं से संबंधित जानकारी ग्रामीणों तक तेजी से पहुंच सकेगी।
डिजिटल बैंकिंग और डीबीटी से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी। इससे ग्रामीणों को बैंकिंग और सरकारी सहायता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
इंटरनेट कनेक्टिविटी से स्थानीय युवाओं को रोजगार से जुड़ी ऑनलाइन जानकारियां और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। वहीं वनोपज, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों से जुड़े ग्रामीण डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं तलाश सकेंगे।
बस्तर के 195 दुर्गम स्थानों पर मोबाइल टावर सक्रिय
ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मो. शाहिद के अनुसार, बीएसएनएल की 4G सैचुरेशन परियोजना के तहत बस्तर संभाग के 195 दुर्गम स्थानों पर नए मोबाइल टावर सक्रिय किए गए हैं। इससे वनांचल के कई इलाकों में बेहतर कॉलिंग के साथ तेज इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो रही है।
सुकमा के दूरस्थ गांवों तक पहुंची मोबाइल कनेक्टिविटी ग्रामीणों के लिए केवल बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं से जुड़ने का नया माध्यम बन रही है। वनांचल के अंतिम छोर तक नेटवर्क पहुंचने से डिजिटल सुविधाओं का लाभ अब ज्यादा ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा।





