जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अंधविश्वास की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के डुडुंगजोर गांव में टोनही (जादू-टोना) होने के संदेह में एक व्यक्ति ने अपनी ही विधवा बहू की लकड़ी के डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।


आंगन में शुरू हुआ विवाद, डंडे से किया जानलेवा हमला

पुलिस के अनुसार, घटना के समय मृतका नबिना राठिया अपने घर के आंगन में थी। इसी दौरान उसके ससुर सुखसिंह राठिया (50) ने उस पर टोनही होने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी घर के भीतर गया और लकड़ी का मोटा डंडा लेकर आया। इसके बाद उसने महिला के सिर पर लगातार कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ी।


अस्पताल पहुंचने से पहले चली गई जान

घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने घायल महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।


पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी सुखसिंह राठिया ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसे संदेह था कि उसकी विधवा बहू उसके बच्चे पर जादू-टोना करती थी। इसी अंधविश्वास और गुस्से में उसने महिला पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।


हत्या का मामला दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया

एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।


अंधविश्वास पर फिर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास के खतरनाक दुष्परिणामों को उजागर करती है। महज संदेह और अंधविश्वास के चलते एक महिला की जान चली गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या अफवाह के बजाय कानून और वैज्ञानिक सोच पर भरोसा करें तथा किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें।