अंबिकापुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी विमल खाखा को 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस जघन्य अपराध के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई थी और बाद में उसने एक बच्चे को जन्म दिया। अदालत ने पीड़िता को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की भी अनुशंसा की है।


अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश कमलेश जगदल्ला ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त अवधि का कारावास भी भुगतना होगा।


विशेष लोक अभियोजक विद्याभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि यह मामला सरगुजा जिले के कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी विमल खाखा ने 20 जुलाई 2022 से 26 जुलाई 2022 के बीच नाबालिग को अपने कब्जे में रखा और उसे अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया।

परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग को आरोपी के कब्जे से बरामद किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दुष्कर्म के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई थी और बाद में उसने बच्चे को जन्म दिया।


पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए, जिसके बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

साथ ही अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास और सहायता के लिए राज्य सरकार से ₹5 लाख का मुआवजा प्रदान करने की अनुशंसा भी की है।