कांकेर, 3 अगस्त। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार करते हुए धरना शुरू कर दिया है। आंदोलन के चलते अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

क्या है मामला?

जानकारी के मुताबिक, 1 अगस्त को भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज को लेकर कुछ लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया था। आरोप है कि इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और शासकीय कार्य में भी बाधा पहुंचाई गई।

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने उपसरपंच सहित चार लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज कर्मचारी

एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन और धरना जारी रहेगा।

अस्पताल सेवाओं पर असर

स्वास्थ्य कर्मचारियों के आंदोलन का असर अस्पताल की सेवाओं पर साफ दिखाई दे रहा है। ओपीडी के साथ कई जरूरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के संचालन में भी दिक्कतें आने की जानकारी सामने आई है। इससे मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

स्थिति सामान्य करने की कोशिश

प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और आंदोलन समाप्त कर अस्पताल की सेवाएं जल्द बहाल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल स्वास्थ्यकर्मी अपनी मांगों पर अडिग हैं।