सूरजपुर। जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोमवार को दो अहम मामलों में फैसला सुनाया। प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और मासूम बेटी की हत्या के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को होगी। वहीं, प्रधान आरक्षक उदय सिंह पर गाड़ी चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश के मामले में आरोपी कुलदीप साहू को 10 साल की सजा सुनाई गई है।
हत्या मामले में 8 अक्टूबर को तय होगी सजा
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पत्नी-बेटी हत्याकांड में चार आरोपियों को दोषी माना है। अब अदालत 8 अक्टूबर को सजा की अवधि और अन्य दंडात्मक बिंदुओं पर सुनवाई करेगी। फैसले के दिन बड़ी संख्या में लोग न्यायालय परिसर पहुंचे थे, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
13 अक्टूबर 2024 की रात हुई थी वारदात
मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात का है। आरोप है कि चौपाटी क्षेत्र में विवाद के दौरान कुलदीप साहू ने प्रधान आरक्षक तालिब शेख पर होटल में रखे खौलते तेल को फेंक दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू की।
पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने की कोशिश
पुलिस जब कुलदीप की तलाश कर रही थी, तब वह एक कार में मौजूद था। इसी दौरान उस पर पैदल खोजबीन कर रहे पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने की कोशिश करने का आरोप लगा। इसी मामले में अदालत ने कुलदीप साहू को 10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई है।
घर में मिला खून, बाद में मिलीं मां-बेटी की लाशें
घटनाक्रम के दौरान शहर से बाहर महगंवा स्थित प्रधान आरक्षक तालिब शेख के किराए के मकान में जबरन घुसने की बात सामने आई थी। बाद में जब प्रधान आरक्षक घर पहुंचे तो अंदर खून फैला मिला, जबकि उनकी पत्नी और बेटी घर पर नहीं थीं। घर के बाहर एक चाकू भी मिला था।
इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। कुछ समय बाद प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी के शव शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर बरामद किए गए थे।
कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा
दोनों मामलों की सुनवाई को देखते हुए न्यायालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। अब पत्नी-बेटी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए चारों आरोपियों को कितनी सजा मिलेगी, इस पर 8 अक्टूबर को अदालत का फैसला आएगा।





