नवापारा राजिम। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। धार्मिक नगरी राजिम स्थित त्रिवेणी संगम में जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। महानदी, पैरी और सोंढूर नदी के संगम स्थल पर स्थित भगवान कुलेश्वर महादेव मंदिर तक पानी पहुंच गया है। वहीं नेहरू घाट पूरी तरह जलमग्न नजर आ रहा है।
कुलेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचा बाढ़ का पानी
लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण त्रिवेणी संगम का नजारा पूरी तरह बदल गया है। भगवान कुलेश्वर महादेव मंदिर चारों ओर से पानी से घिर गया है। मंदिर परिसर तक बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह
बाढ़ की आशंका को देखते हुए रायपुर और गरियाबंद जिला प्रशासन ने नदी तटीय गांवों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने तथा मकानों और खेतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
गरियाबंद में भी बाढ़ का असर, हाईवे पर तीन फीट पानी
गरियाबंद जिले में भी बाढ़ का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब तीन फीट तक पानी भर गया है, जिससे यातायात प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस और प्रशासन मौके पर तैनात रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सिकासेर बांध के 16 गेट खुले, पैरी नदी उफान पर
जलस्तर बढ़ने के बाद सिकासेर बांध के 21 में से 16 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से करीब 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे पैरी नदी पूरे उफान पर बह रही है। अब लोगों की नजर धमतरी स्थित गंगरेल (रविशंकर सागर) बांध पर है। आशंका जताई जा रही है कि यदि वहां से भी पानी छोड़ा गया तो निचले इलाकों में जलभराव और बढ़ सकता है।
छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर किया गया शिफ्ट
पंटोरा कन्या आश्रम में पानी भरने के बाद एहतियात के तौर पर 50 से अधिक छात्राओं को बारूका स्थित सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है।
कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित
तेज बहाव के कारण शोभा-गरीबा मार्ग पर बना रपटा बह गया है। वहीं बहाकोचबाय, मालगांव और कसनाला क्षेत्र में सड़क पर पानी आने से आवागमन बाधित हो गया है। गरियाबंद, नगरी और धमतरी मार्ग के कई नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।





