रायपुर। रायपुर स्मार्ट सिटी से जुड़े करीब 500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने के नाम पर 15 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। ED ने उनसे जुड़ी करीब 3.25 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इसके साथ ही रायपुर की विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की गई है।
500 करोड़ के प्रोजेक्ट का सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का आरोप
ED के अनुसार मामला जून 2023 का है। आरोप है कि केके श्रीवास्तव ने रावत एसोसिएट्स के संचालक को रायपुर में करीब 500 करोड़ रुपये के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए करीब 15 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के रूप में जमा कराने की बात कही गई।
जांच एजेंसी का दावा है कि कारोबारी से यह रकम एक खाते में न लेकर पांच अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई। इन खातों की जानकारी कथित रूप से व्हाट्सऐप के जरिए दी गई थी।
शेल कंपनियों के जरिए रकम घुमाने का दावा
ED की जांच में आरोप सामने आया कि 15 करोड़ रुपये की रकम को कई शेल और कंड्यूट कंपनियों के जरिए अलग-अलग खातों में भेजा गया। एजेंसी के मुताबिक, इस प्रक्रिया के जरिए रकम के वास्तविक स्रोत और स्वरूप को छिपाने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि रकम का कुछ हिस्सा दुबई, हांगकांग, चीन और सिंगापुर तक भेजा गया। इसके लिए फ्रेट चार्ज और कंटेनर लीजिंग जैसे कारोबारी लेन-देन दिखाए जाने का आरोप है।
3.40 करोड़ वापस, 11.60 करोड़ अब भी बकाया होने का दावा
ED के अनुसार कथित तौर पर ली गई 15 करोड़ रुपये की रकम में से करीब 3.40 करोड़ रुपये कारोबारी को वापस किए गए, जबकि लगभग 11.60 करोड़ रुपये वापस नहीं किए गए हैं। एजेंसी का आरोप है कि लौटाई गई रकम भी पहले अलग-अलग खातों से घुमाकर सामान्य कारोबारी भुगतान के रूप में दिखाई गई।
30 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान ED ने 30 जुलाई 2026 को केके श्रीवास्तव को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। उन्हें रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां से ED की हिरासत में भेजा गया था।
इसके बाद 22 सितंबर 2026 को एजेंसी ने करीब 3.25 करोड़ रुपये की संपत्तियों के लिए प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। अगले दिन 23 सितंबर को विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की गई। ED के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है।





