दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलगांव थाना पुलिस ने फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर एक ही जमीन को अलग-अलग लोगों को बेचने और बयाना राशि लेने के आरोप में पति-पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान नोकेश देशमुख और नेहा देशमुख के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, डिपरापारा वार्ड निवासी अजय चंद्राकर ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे हितेश देशमुख के माध्यम से ग्राम अंजोरा स्थित नेहा देशमुख के नाम दर्ज एक भूखंड की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह हितेश के साथ अंजोरा पहुंचा, जहां नोकेश देशमुख ने उसे खसरा नंबर 615/10, रकबा 0.0115 हेक्टेयर (करीब 1240 वर्गफुट), प्लॉट नंबर-8 की जमीन दिखाई।

जमीन पसंद आने पर दोनों पक्षों के बीच 3 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। शिकायत के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को इकरारनामा तैयार किया गया और अजय चंद्राकर ने सेल्फ चेक के माध्यम से 2 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में दिए। इकरारनामा में विक्रेता के रूप में नेहा देशमुख और खरीदार के रूप में अजय चंद्राकर के हस्ताक्षर दर्ज हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि नेहा देशमुख की मौजूदगी में यह चेक उनके पति नोकेश देशमुख को सौंपा गया था।

बाद में अजय चंद्राकर को पता चला कि इसी जमीन के संबंध में कथित रूप से फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर सुखदेव सिंह समेत अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह का सौदा किया गया और उनसे भी रकम ली गई। आरोप है कि एक ही जमीन को कई लोगों को बेचने की कोशिश कर धोखाधड़ी की गई।

शिकायत के आधार पर पुलगांव थाना पुलिस ने नोकेश देशमुख और नेहा देशमुख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दस्तावेजों की जांच के साथ अन्य संभावित पीड़ितों की भी जानकारी जुटा रही है।