रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस के बीच राहत की बड़ी खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी तीन से चार दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और झारखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में एक मौसमी द्रोणिका (ट्रफ) पंजाब से लेकर पश्चिम बंगाल तक प्रभावी है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (सर्कुलेशन) सक्रिय है। इस प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए विदर्भ तक एक अन्य द्रोणिका बनी हुई है, जिसके कारण प्रदेश के मौसम में व्यापक बदलाव आने की संभावना है।
राजनांदगांव सबसे गर्म, कई क्षेत्रों में हल्की वर्षा पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में सर्वाधिक दो सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अतिरिक्त कापू, रघुनाथ नगर, लखनपुर, छुरा, बतौली, सरिया और कुसमी में भी एक-एक सेंटीमीटर वर्षा हुई।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव 44.0 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, राजनांदगांव में बुधवार शाम को हुई वर्षा के बाद स्थानीय निवासियों को भीषण गर्मी से कुछ राहत अवश्य मिली है। राजधानी रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी आज बादल छाए रहने और वर्षा होने की संभावना जताई गई है।





