रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामले में बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ राज्य सड़क परिवहन निगम (CSRTC) के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए राज्य सरकार नई नीति तैयार करेगी। इसके लिए आठ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। यह कदम हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है।

सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने नई नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। समिति में सामान्य प्रशासन, वित्त, विधि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति के अध्यक्ष सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव होंगे, जबकि विभाग के उप सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया है।


हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया

जानकारी के अनुसार, 3 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने अर्पणा द्विवेदी बनाम छत्तीसगढ़ शासन मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को स्पष्ट अनुकंपा नियुक्ति नीति बनाने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के पालन में सरकार ने उच्चस्तरीय समिति गठित कर नई नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है।


क्या है पूरा मामला?

छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सड़क परिवहन निगम का गठन किया गया था। लगातार घाटे और बढ़ते वित्तीय बोझ के कारण तत्कालीन सरकार ने निगम का विघटन कर दिया। इसके बाद नियमित कर्मचारियों का विभिन्न विभागों और संस्थानों में समायोजन किया गया।

समायोजित कर्मचारियों में से कई की सेवा के दौरान मृत्यु हो गई। उनके परिजनों ने अनुकंपा नियुक्ति की मांग की, लेकिन स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सका। यही विवाद बाद में अदालत तक पहुंचा।


हजारों परिवारों को मिल सकती है राहत

नई नीति लागू होने के बाद परिवहन निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति का रास्ता साफ हो सकता है। वर्षों से न्याय और रोजगार की मांग कर रहे कई परिवारों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यदि समिति की रिपोर्ट पर सरकार सहमति देती है, तो लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान संभव हो सकेगा।