रायपुर। छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य की पहली 'राजकीय तितली' चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल में आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने ऑनलाइन मतदान की व्यवस्था की है। प्रदेशवासी 31 अगस्त 2026 तक अपनी पसंद की तितली के पक्ष में वोट दे सकेंगे।
वन मंत्री ने की जनभागीदारी की अपील
वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। जनभागीदारी से राजकीय तितली का चयन होने से लोगों में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
तीन तितली प्रजातियां शॉर्टलिस्ट
विशेषज्ञ समिति ने वैज्ञानिक और पारिस्थितिक मानकों के आधार पर तीन तितली प्रजातियों का चयन किया है—
- कॉमन बैंडेड पीकॉक (Common Banded Peacock)
- ऑरेंज ओकलीफ (Orange Oakleaf)
- स्पॉट स्वोर्डटेल (Spot Swordtail)
इन प्रजातियों का चयन उनकी पारिस्थितिक महत्ता, छत्तीसगढ़ में उपलब्धता, संरक्षण मूल्य, विशिष्टता और आम लोगों के बीच पहचान के आधार पर किया गया है।
31 अगस्त तक कर सकेंगे मतदान
वन विभाग ने ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से मतदान शुरू कर दिया है। राज्य का कोई भी नागरिक 31 अगस्त 2026 तक अपनी पसंद की तितली के लिए वोट कर सकता है।
प्राप्त जनमत और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर राज्य की पहली राजकीय तितली का अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
नागरिकों से की गई अपील
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी लोगों से इस अभियान में भाग लेने और अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील की है, ताकि राज्य की इस महत्वपूर्ण पहचान के चयन में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।





